बेटी ! Daughter



आने दो बेटियों को धरती पर, मत बजाना थाली चाहे 

वरना कौन गाएगा गीत, अपने वीरों की शादी में 


वरना कौन धारण करेगा, तुम्हारे बेटों के भ्रूण 

आने दो बेटियों को धरती पर, मत बजाना थाली चाहे।









बेटी कहां से लाओगे

बिन बेटी ये मन बेकल है, बेटी है तो ही कल है, 
बेटी से संसार सुनहरा, बिन बेटी क्या पाओगे?


बेटी नयनों की ज्योति है, सपनों की अंतरज्योति है,
शक्तिस्वरूपा बिन किस देहरी-द्वारे दीप जलाओगे? 


शांति-क्रांति-समृद्धि-वृद्धि-श्री सिद्धि सभी कुछ है उनसे,
उनसे नजर चुराओगे तो किसका मान बढ़ाओगे ?


सहगल-रफ़ी-किशोर-मुकेश और मन्ना दा के दीवानों!
बेटी नहीं बचाओगे तो लता कहां से लाओगे ?


सारे खान, जॉन, बच्चन द्वय रजनीकांत, ऋतिक, रनबीर
रानी, सोनाक्षी, विद्या, ऐश्वर्या कहां से लाओगे ?


अब भी जागो, सुर में रागो, भारत मां की संतानों!
बिन बेटी के, बेटे वालों, किससे ब्याह रचाओगे?


बहन न होगी, तिलक न होगा, किसके वीर कहलाओगे?
सिर आंचल की छांह न होगी, मां का दूध लजाओगे।


आने दो बेटियों को धरती पर, पनपने दो उनके भ्रूण 




अगर बेटा वारिश है, तो बेटी पारस है !
अगर बेटा वंश है, तो बेटी अंश है !
अगर बेटा आन है, तो बेटी गुमान है !
अगर बेटा संस्कार है, तो बेटी संस्कृति है !
बेटा अगर आग है, तो बेटी बाग़ है !
अगर बेटा दवा है, तो बेटी दुआ है !
अगर बेटा भाग्य है, तो बेटी विधाता है !
अगर बेटा शब्द है, तो बेटी अर्थ है !
अगर बेटा गीत है, तो बेटी संगीत है !

जब इतनी कीमती हैं बेटियां !
तो फिर क्यों खटकती है मन को बेटियां !
जबकि सबको पता है,
बेटों को जनम देतीं हैं बेटियां !

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